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7 लकà¥à¤·à¤£ जो यह बताते हैं की गरà¥à¤ में शिशॠसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ नहीं है :-
शिशॠके दिल की धड़कन
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लगà¤à¤— पांचवें हफà¥à¤¤à¥‡ के आस पास गरà¥à¤ में शिशॠका दिल धड़कना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है जिसे दूसरे या तीसरे महीने में डॉपà¥à¤²à¤° टेसà¥à¤Ÿ के करवाकर आसानी से पता लगाया जा सकता है।
लेकिन कà¤à¥€ कà¤à¥€ यह टेसà¥à¤Ÿ के बाद à¤à¥€ यह पता नहीं चल पाता है कि à¤à¥à¤°à¥‚ण का हृदय धड़क रहा है या नहीं।
तो à¤à¤¸à¥‡ में दूसरी बार टेसà¥à¤Ÿ करवाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° बोल सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤ में शिशॠकी पोजिशन या पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की जगह में परिवरà¥à¤¤à¤¨ के कारण यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
लेकिन यदि अगले टेसà¥à¤Ÿ में à¤à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण की धड़कन का पता न चल पा रहा है तो यह इस बात की और संकेत कर सकता है कि या तो à¤à¥à¤°à¥‚ण तनाव और कठिनाई में है या फिर à¤à¥à¤°à¥‚ण नषà¥à¤Ÿ होने का खतरा है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‰à¤‰à¤¨à¥à¤¡
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‰à¤‰à¤¨à¥à¤¡ करवाने की सलाह दी जाती है।
जिसमे à¤à¥à¤°à¥‚ण के आकार, वजन, हलचल, खून के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹, दिल की धड़कन, à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• तरल पदारà¥à¤¥ की जांच की जाती है।
यदि इनमे से किसी में à¤à¥€ टेसà¥à¤Ÿ के दौरान कमी आती है तो यह गरà¥à¤ में शिशॠके असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने की तरफ इशारा करता है।
महिला के पेट का आकार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जैसे जैसे à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास होता है वैसे वैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बà¥à¤¤à¤¾ है।
जिसके कारण महिला का पेट आगे की और निकलने लगता है।
लेकिन यदि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤¸à¤¾ महसूस हो की महिला के पेट का आकार नहीं बॠरहा है या कम बॠरहा है।
तो यह गरà¥à¤ में शिशॠका विकास अचà¥à¤›à¥‡ से न होने के कारण हो सकता है।
शिशॠके गरà¥à¤ में असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने का लकà¥à¤·à¤£ है बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को हलà¥à¤•ा खून का दाग लगना गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ के कारण हो सकता है और à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ सी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को महसूस हो सकता है।
लेकिन यदि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो रही हो या पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दूसरे तीसरे या किसी अनà¥à¤¯ महीने में खून का दाग à¤à¥€ लगे तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का लकà¥à¤·à¤£ होने के साथ शिशॠके विकास में कमी का कारण à¤à¥€ हो सकता है।
बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग के साथ यदि महिला को सफ़ेद पानी की समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक हो साथ ही सफ़ेद पानी के रंग में बदलाव या बदबू महसूस हो तो इसे à¤à¥€ अनदेखा नहीं करना चाहिà¤à¥¤
शिशॠकी गरà¥à¤ में हलचल
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान गरà¥à¤ में शिशॠकी हलचल गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का सबसे ख़à¥à¤¶à¥€ à¤à¤°à¤¾ पल होता है।
जैसे जैसे शिशॠका विकास बà¥à¤¤à¤¾ है वैसे वैसे गरà¥à¤ में शिशॠकी हलचल à¤à¥€ बà¥à¤¨à¥‡ लगती है।
लेकिन यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ महसूस हो की गरà¥à¤ में शिशॠकी हलचल कम हो रही है या शिशॠहलचल नहीं कर रहा है।
तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠकी हलचल अचà¥à¤›à¥‡ से होना जहां शिशॠके सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने की तरफ इशारा करती है।
वहीठशिशॠकी हलचल में कमी शिशॠके असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने की तरफ इशारा करती है।
शिशॠके गरà¥à¤ में असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने का लकà¥à¤·à¤£ है पेट व पीठमें दरà¥à¤¦
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार बà¥à¤¨à¥‡ के कारण मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है जिसके कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को पेट व पीठमें दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान हो सकती है।
साथ ही जैसे जैसे शिशॠका वजन बà¥à¤¤à¤¾ है वैसे वैसे यह समसà¥à¤¯à¤¾ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है।
लेकिन पेट या पीठमें अधिक दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर इसे अनदेखा नहीं करना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने, समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
जिसके कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के साथ à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¥€ दिकà¥à¤•त हो सकती है।
बà¥à¤–ार
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बà¥à¤–ार महसूस हो तो इसे हलà¥à¤•े में नहीं लेना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बà¥à¤–ार बॉडी में कà¤à¥€ कà¤à¥€ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² या वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ पैदा कर सकता है।
जिसके कारण à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने लगती है।
बà¥à¤–ार आने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना चाहिठऔर बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किठबिना बà¥à¤–ार ठीक करने का उपाय करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥‚आती दिनों में बà¥à¤–ार को गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का संकेत माना जाता है इसलिठबà¥à¤–ार आने पर जितना जलà¥à¤¦à¥€ हो सके डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाना चाहिà¤à¥¤
ताकि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आने वाली हर दिकà¥à¤•त से बचे रहने में मदद मिल सके।
तो यह हैं कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ जिनसे पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पता लगाया जा सकता है।
की गरà¥à¤ में पल रहा शिशॠसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है या नहीं। यदि आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हैं, और आपको à¤à¥€ बॉडी में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो रहे हैं तो इनà¥à¤¹à¥‡ अनदेखा न करते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से राय लेनी चाहिà¤à¥¤
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